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Stylish Shayari in Hindi | प्यार भरी स्टाइलिश शायरी

1. मोहब्बत में दिल का बेकरार होना नज़रों से नज़रें मिलीं और दिल हार गया, तेरी मोहब्बत में ये दिल बेकरार हो गया। तेरे बिना अब कोई लम्हा गुज़रता नहीं, तुझसे मिले बिना दिल को करार आता नहीं। 2. हमारी मोहब्बत का निराला अंदाज़ हमारी मोहब्बत का अंदाज़ सबसे निराला है, तेरी चाहत में दिल ने खुद को संभाला है। तू पास रहे तो हर लम्हा खूबसूरत लगता है, तू ही मेरी दुनिया और तू ही जीने का सहारा है। 3. तेरी एक झलक का असर तेरी एक झलक पर दिल धड़कता है आजकल, तेरी यादों में ही ये दिल भटकता है आजकल। तेरी मुस्कुराहट का ऐसा असर हो गया है, हर पल बस तुझे देखने को तरसता है आजकल। 4. तुझे चाहने की आदत तुझे चाहने की आदत बन गई है इस कदर, तेरे बिना नहीं कटता अब कोई भी सफ़र। तेरी यादों में ही दिल को सुकून मिलता है, तू ही मेरी मोहब्बत, तू ही मेरा हमसफ़र। 5. तेरा नाम और मेरी मुस्कुराहट तेरा नाम लबों पर आए तो रूह मुस्कुरा जाती है, तेरी याद आते ही हर धड़कन महक जाती है। ये मोहब्बत है या कोई खूबसूरत सा एहसास, तुझे सोचते ही मेरी हर खुशी बढ़ जाती है। 6. तेरे बिना दिल का वीरान होना तेरे बिना ये दिल वीरान लगता है, हर खुशी का पल ...

पेड़ पौधे लगाकर पर्यावरण शुद्ध बनाएंगे-Hindi kavita sangrah

पेड़ पौधे लगाकर पर्यावरण शुद्ध बनाएंगे धरती पर हरियाली की नई क्रांति लाएंगे अच्छे वातावरण में जीवन सुखमय होगा प्रदूषण मुक्त हो जाएंगे धरती पर हरियाली की नई क्रांति लाएंगे

सही लक्ष्य रहेगा-Hindi kavita sangrah

हिंदी कविता संग्रह सही लक्ष्य रहेगा सफलता मिल जाएगी वक्त के साथ भाग्य बदलेगा जीवन में खुशियां आएंगी हिम्मत से आगे बढ़ना मुश्किल हर मोड़ पर आएगी दृढ़ संकल्प देख हर बला टल जाएगी समय का सदुपयोग करो हर क्षण बहुमूल्य है व्यर्थ न जाने दो मंजिल पाने को सदा आगे बढ़ो संघर्षों से लिख दो उज्जवल भविष्य की नई कहानी

मैं अच्छा इंसान हूं-Hindi kavita sangrah

हिंदी काव्य संग्रह-poem in Hindi मैं अच्छा इंसान हूं नियत साफ रखता हूं मुझमें साहस है हर परिस्थिति संभाल सकता हूं निरंतर बढ़ते कदम मंजिल की ओर सत्य पर अडिग रहता हूं गलत और बेईमानों के आगे कभी  झुकता नहीं हूं सच्ची राहों पर चलता हूं नियत-हिंदी कविता अपनी नियत बिगड़ने मत देना सच्चाई वजूद पर कायम रहना मन में लालच कभी न आने देना इंसानियत कभी न जाने देना अभिलाषा पूरी हो जाएगी समाज में पहचान मिल जाएगी भाग्य बदल जाएगा जब नियत अच्छी होगी

हकीकत से परिचित हो गया हूं-हिंदी कविता

हकीकत से परिचित हो गया हूं दुनिया में चर्चित हो गया हूं अपने हुनर से सही जगह तक आया हूं सफर थोड़ा मुश्किल रहा मेहनत से किस्मत बदल पाया हूं कविता संग्रह - सच्चाई में विश्वास करता हूं सच्चाई में विश्वास करता हूं यह कारण है हर ह्रदय पर राज करता हूं निस्वार्थ मदद करना अपना धर्म समझता हूं हर समय निश्छल कर्म करता हूं

गुणकारी बातों का सृजन करने लगा हूं-हिंदी कविता

गुणकारी बातों का सृजन करने लगा हूं सफलता की राहों पर अग्रसर होने लगा हूं सभी मुश्किलें दूर होने लगी है दृढ़ हौसलों से आसमान छूने लगा हूं KAVITA SANGRAH-मेरे टूटे अरमानों में  मेरे टूटे अरमानों में खुशियां लेकर आई हो बिखर गए थे मेरे भाग्य जगाने आई हो मन के सन्नाटे में चहल-पहल लेकर आई हो कविता संग्रह-मन की अभिलाषा मन की अभिलाषा पढ़ लिखकर गुणवान बने मुझमें ऐसा संस्कार हो महान बने अपने आत्मानुशासन से अच्छे काम करें मन की अभिलाषा पढ़ लिखकर गुणवान बने

काव्य संग्रह-poetry collection

प्रकृति की खूबसूरत दृश्य संगम मन जीत रही थी अनुपम स्वर चिड़ियों की हर जर्रे जर्रे को मनमोहक बना रही थी चाह उठ रही थी यह समय हर पल बरकरार रहे मन को शीतल करने वाली खुशियों की सौगात मिले कठोर मेहनत सफलता मिली है भाग्य बदल गया है अरमानों के दीपक से जीवन रोशन हो गया है

सुविचार हिंदी में कविता-poem in Hindi

सुविचार से एक नया मोड़ मिल गया है हर रोज के विवाद का जोड़ मिट गया है अच्छी जिंदगी के शुरुआत का स्वप्न देखने लगे हैं जिंदगी का सुप्रभात हो गया है सुविचार से भाग्य खुल गए चारों तरफ खुशियों का दृश्य नजर आता है परेशानियों से मुक्ति मिल गई है हर समय सुकून से जीने लगे हैं

जीवन में खुशियों का सवेरा हो गया-Hindi kavita sangrah

जीवन में खुशियों का सवेरा हो गया मन की चाहतों की तरह दुखों का लुप्त अंधेरा हो गया मुस्कुराते हुए दिन गुजरने लगा है मेरे प्रति गलत विचार रखने वालो की मंशा बदलने लगा है जीवन सार्थक हो गया जीवन सार्थक हो गया हर अरमान पूरा हो गया जिंदगी की महफिल में खुशियों का इंतजाम पूरा हो गया जबसे सही मंजिल मिल गई है मेरे तलाश का काम पूरा हो गया

मुश्किल राहों से-हिंदी कविताएं

मुश्किल राहों से संभलकर चलने का हुनर सीख लिया है आजकल असमंजस में दिशा नहीं भटकते हैं वक्त के साथ बदलना सीख लिया है खुशियों की महफिल में दिन गुजरने लगा है हर कमी से निजात मिलने लगा है रह गई है थोड़ी सी और कसर बाकी है सफलता की चौखट पर खुशकिस्मती ने डेरा डाल दिया है

अच्छे दिन के ख्वाब देखने लगे हैं-KAVITA SANGRAH

अच्छे दिन के ख्वाब देखने लगे हैं सफलता की सीढ़ियां चढ़ने लगे हैं उम्मीद है अपने मकसद में कामयाब हो जाएंगे उम्मीदों का दिया जलता रहे जिंदगी में खुशियों का फूल खिलता रहे किसी का दिल न दुखे मेरे वजह से मुझे हर किसी का प्यार मिलता रहे बागों में फूल खिलने लगे हैं बहारों के मौसम प्रकृति की शोभा बढ़ाने लगे हैं शीतल हवाएं मन की खुशियां बढ़ाएं हर मंजर से अच्छे संदेश का आनंद उठाने लगे हैं

हकीकत के रास्ते मिल गए-Kavita sangrah

हकीकत के रास्ते मिल गए जीवन सही दिशा की ओर जा रहा है मन की आकांक्षा पूरी होने लगी है सभी समस्या का निदान हो रहा है जीवन सही दिशा की ओर जा रहा है हकीकत की दहलीज पर कायम हो गया हूं जिंदगी प्रकाशमान हो गई है मुस्कुराते हर मंजर से सुकून मिल रहा है भाग्य ऐसे खुले हैं खुशियों की महफिल में रहने लगा हूं

HINDI KAVITA SANGRAH-हिंदी कविता संग्रह

दुख के बादल हट जाएंगे खुशियों का सवेरा आएगा सच्ची राहों पर चलकर किस्मत बदलेगी भ्रष्टाचार मिट जाएगा जब हकीकत पर कायम समय दिशा बदलेगी उज्जवल भविष्य बनाने को तिनका-तिनका जोड़ रहे हैं अपनी मुकद्दर का पैमाना हर मंजर में ढूंढ रहे हैं जब ठोकर से गिर जाते हैं कमियों का कारण ढूंढ रहे हैं अपार सफलता पाने को हर मुश्किल को तोड़ रहे हैं गर्म स्वभाव में अक्सर माहौल बिगड़ जाता है शीतलता में ज्यादातर खराब काम सुधर जाता है Hindi kavita कर्मों का हिसाब हो जाएगा मुकद्दर का सही वक्त आएगा मुझे मालूम है हालात से बिखरे हुए हो धैर्य से अच्छा दिन जरूर आएगा

HINDI KAVITA-हिंदी कविता

1.अच्छी सोच मजबूत हौसलों से अपनी मंजिल तक पहुंच पाया हूं मुश्किल भरी राहों को पीछे छोड़कर सही मुकाम तक आया हूं जीवन खुशियों से भर गया है हर जरूरत पूरी है घर जन्नता लगता है अब कोई नहीं मजबूरी है 2.मीठी-मीठी बातों में फुसलाने की कोशिश मत करना जितना मेरा हिसाब है कम देकर बहलाने की कोशिश मत करना 3.रोज सुबह उठकर व्यायाम करते हैं स्वस्थ रहने का इंतजाम करते हैं दिनभर मन में उमंग रहती है आजकल ताजगी और सादगी संग रहती है

तूफान उड़ा देता है-Hindi kavita

तूफान उड़ा देता है पंछियों का घोंसला तो क्या अब पंछी घोंसला बनाना छोड़ देंगे जो उड़ गया और लूट गया उस पर सिर्फ वह आंसू बहाते रहते एक नया सा घर उन्हें मिल पाता नहीं  एक अच्छी नाव थी हाथ में पतवार मैं ले चला  कश्ती उस पार जाने को अभी मझधार में पहुंचा कि मेरे होश उड़ गए प्रकृति का रूप बदलता में देखकर और तेजी से गति बढ़ाने लगा आज जिंदा बचा हूं मेरा विश्वास है

ये मौसम अनोखे होते है-Hindi kavita

जाड़ा गर्मी हो या फिर बरसात ये मौसम अनोखे होते है ये है प्रकृति की अमूल्य धराये ये कितने अच्छे होते है हरे-भरे पेड़ पौधे अनमोल स्वक्छ हवा मिलती है फल भी हमको देते है रंग बिरंगे फूल खिलकर बग़िया महका देते है है ये कितने अच्छे होते है प्रातः काल सूर्य की किरणे मीठी-मीठी प्यारी-प्यारी धुप लिए धरती पर जब आते है हर सजीव प्राणी के मन में नई आशा की किरण जगाते है

कागज के फूलों सा होगा-Hindi kavita

जो इस धरती पर बुध्दी जिवि नहीं उसका आदर क्या होगा जिन फूलों में खुशबू नही कागज के फूलों सा होगा गौर से देखो इस दुनिया को थोड़ा ज्ञान तुम्हें होगा बिना कर्म किये कुछ भी हसील न होगा छोटा सा हैं जीवन कुछ काम तुम्हें करना होगा मरने से पहले मनुष्य कुछ नाम तुम्हें करना होगा भारत देश में जन्म लिया भारत का सिंगार करू अपने मन मर्यादा से भारत का सम्मान करू

वर्षा के दिन आये हैं-Hindi kavita

वर्षा के दिन आए हैं, आकाश में बादल छाए हैं।  धरती पर हरियाली छाई है,  हर कली-कली मुस्काई है।  आकाश से बूंदे गिरती हैं,  धरती उन्हें आंचल में भरती है।  सबके मन को लुभाने लगी, जब वर्षा की फुहारें बरसने लगीं।  ये बादल, बरस ज़रा, धरती की प्यास अभी बाकी है।  थोड़ा पानी देकर केवल, और प्यास बढ़ा दी है।  अगर दोगे कुछ इसको तुम,  कुछ देगी तुमको धरती।  बारह महीने, ऐ बादल,  तुम्हारा इंतज़ार करती धरती  कविता के बारे में वर्षा केवल पानी नहीं लाती, बल्कि धरती पर हरियाली, ठंडक और जीवन का संदेश भी लेकर आती है। बादलों की बूंदों से सूखी धरती की प्यास बुझती है और प्रकृति फिर से मुस्कुराने लगती है। यह कविता बारिश, बादलों, हरियाली और धरती के बीच खूबसूरत रिश्ते को दर्शाती है।

ये मोड़ कैसा आ गया | Hindi Kavita | ज़िंदगी के संघर्ष और दर्द की कविता

ज़िंदगी में दुख भरा ये मोड़ कैसा आ गया, नाव मझधार में थी, तूफ़ान कैसा आ गया।  तूफ़ान तो तूफ़ान था, घनघोर बादल छा गया,  देखते ही देखते बिजली की गड़गड़ाहट कानों तक आने लगी।  हवाओं का तेज़ झोंका आंधी बनकर चलने लगा,  आसमान से पानी की बूंदें लहराकर गिरने लगीं।  अब मुझे ऐसा लगे, बचना यहां मुमकिन नहीं,  देखकर ये दुख का मौसम, अब मुझमें इतनी हिम्मत भी नहीं  कि और आगे बढ़ सकूं कहीं।  पतवार भी अब हाथों से छूट जाना चाहती है,  कुछ समझ में नहीं आता क्या करूं, क्या न करूं।  मैं तो खुद कुछ नहीं,  मासूम ज़िंदगियां मेरे साथ हैं,  अब मेरी ज़िंदगी की हर डोर  बस भगवान के हाथ है। ये मोड़ कैसा आ गया - Hindi Kavita   ज़िंदगी में कभी-कभी ऐसे मुश्किल मोड़ आ जाते हैं, जहां इंसान को आगे बढ़ने का रास्ता दिखाई नहीं देता। चारों तरफ परेशानियां, दुख और संघर्ष दिखाई देने लगते हैं। ऐसी ही परिस्थितियों को ये मोड़ कैसा आ गया इस हिंदी कविता में नाव, मझधार और तूफ़ान के माध्यम से व्यक्त किया गया है।  मझधार में फंसी नाव उस इंसान का प्रतीक है जो जीवन की...