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Good morning shayari

सुबह का हर लम्हा हसीन हो जाता है तुम्हारी प्यारी-सी मुस्कान से, दिल को सुकून मिल जाता है तुम्हारी एक मीठी-सी बात से। यूँ तो रोज़ सूरज निकलता है रोशनी लेकर आसमान से, मगर मेरी सुबह ख़ास हो जाती है तुम्हारे दीदार से। Good Morning

Best Hindi Shayari 2026 | बेवफ़ाई, दर्द, मोहब्बत, तन्हाई, जुदाई और मोटिवेशनल शायरियों का बेहतरीन संग्रह

1. बेवफाई शायरी  देख लो जख्म देकर मुस्कुरा रही है मेरी वफा के बाद भी मुझे गुनहगार बता रही है जिसे अपनी हर खुशी से बढ़कर चाहा था वही आज मेरी मोहब्बत को इल्जामों में सजा रही है। 2. रूठना मनाना शायरी  हर रोज की तकरार फिर एक दूजे को मनाना इश्क का यही सबसे हंसी फसाना है रिश्ते वही मुकम्मल कहलाते हैं जहां हार अहंकार की हो और जीत मोहब्बत की। 3. दर्द भरी शायरी  काश उसकी बेवफाई पहले ही नजर आ गई होती मेरी वफा की हर दास्तां यू बिखर ना गई होती जिसे अपना मुकद्दर समझ कर दिल सौप बैठे थे उससे मोहब्बत की इतनी बड़ी खता ना हुई होती। 4. यादों की शायरी  बिना बात किये उससे नींद कहां आती है आजकल खामोशी दिल को बहुत सताती है लाख कोशिश कर लूं उसे भूलाने की मगर हर रात उसकी यादें पलकों में उतर जाती है 5. इन्तजार शायरी  अब कुछ दिखाई नहीं देता हर मंजर में तेरा चेहरा नजर आता है तू दूर होकर भी दिल से दूर नहीं इसीलिए हर ख्वाब तुझ पर ही ठहर जाता है‌। 6. तन्हाई शायरी  बेवफा जिंदगी से तंग आ चुका हूं हर दर्द को मुस्कुरा कर सह चुका हूं अब किसी से उम्मीदें वफ़ा नहीं रखता अपनी तन्हाइयों से समझौता...

दर्द भरी शायरी, आंसुओं की दास्तां, Dard shayari in Hindi

पेश है दर्द भरी शायरी, आंसुओं की दास्तां, बेस्ट दर्द भरी शायरी इन हिंदी, जहां हर अल्फाज एक अधूरी प्रेम कहानी बयां करता है आज का दौर ऐसा हो गया है सच्चा प्यार मिलना मुश्किल ही नहीं बल्कि नामुमकिन सा लगता है अधूरी प्रेम कहानी को बयां करता हुए कुछ अल्फाज शायरी का संग्रह यहां मौजूद है। Dard bhari shayari 1. हमने भी इश्क किया था बड़ी शिद्दत से उसे चाहा था वो दौलत के प्रलोभन में आ गई उसे कोई और ले गया जिसे मैंने खुदा से दुआओं में मांगा था। 2. जो खामोशी इन आंखों में दिख रही है ये आंसू महज पानी नहीं है हजार वादे फिर अपनी मजबूरियां बात कर निकल गई  जिंदा होकर भी मैं जिंदा नहीं हूं मुझे कुछ यूं जिंदगी के सफर में फंसाकर निकल गई। 3. खुश होकर निकले थे हमसफ़र ढूंढने, नजरे मिलीं प्यार भी हुआ ठोकर खाकर लौटना पड़ा हम रह गए इश्क की गलियों में मुसाफिर की तरह। 4. क्या करें दिल माना नहीं इस बेवफा दौड़ में इश्क कर बैठे जो उम्र भर, भर ना सकेगा ऐसा खुशहाल जिंदगी में जख्म ले बैठे ।