1. मोहब्बत में दिल का बेकरार होना नज़रों से नज़रें मिलीं और दिल हार गया, तेरी मोहब्बत में ये दिल बेकरार हो गया। तेरे बिना अब कोई लम्हा गुज़रता नहीं, तुझसे मिले बिना दिल को करार आता नहीं। 2. हमारी मोहब्बत का निराला अंदाज़ हमारी मोहब्बत का अंदाज़ सबसे निराला है, तेरी चाहत में दिल ने खुद को संभाला है। तू पास रहे तो हर लम्हा खूबसूरत लगता है, तू ही मेरी दुनिया और तू ही जीने का सहारा है। 3. तेरी एक झलक का असर तेरी एक झलक पर दिल धड़कता है आजकल, तेरी यादों में ही ये दिल भटकता है आजकल। तेरी मुस्कुराहट का ऐसा असर हो गया है, हर पल बस तुझे देखने को तरसता है आजकल। 4. तुझे चाहने की आदत तुझे चाहने की आदत बन गई है इस कदर, तेरे बिना नहीं कटता अब कोई भी सफ़र। तेरी यादों में ही दिल को सुकून मिलता है, तू ही मेरी मोहब्बत, तू ही मेरा हमसफ़र। 5. तेरा नाम और मेरी मुस्कुराहट तेरा नाम लबों पर आए तो रूह मुस्कुरा जाती है, तेरी याद आते ही हर धड़कन महक जाती है। ये मोहब्बत है या कोई खूबसूरत सा एहसास, तुझे सोचते ही मेरी हर खुशी बढ़ जाती है। 6. तेरे बिना दिल का वीरान होना तेरे बिना ये दिल वीरान लगता है, हर खुशी का पल ...
Best Hindi Shayari 2026 | बेवफ़ाई, दर्द, मोहब्बत, तन्हाई, जुदाई और मोटिवेशनल शायरियों का बेहतरीन संग्रह
1. बेवफाई शायरी देख लो जख्म देकर मुस्कुरा रही है मेरी वफा के बाद भी मुझे गुनहगार बता रही है जिसे अपनी हर खुशी से बढ़कर चाहा था वही आज मेरी मोहब्बत को इल्जामों में सजा रही है। 2. रूठना मनाना शायरी हर रोज की तकरार फिर एक दूजे को मनाना इश्क का यही सबसे हंसी फसाना है रिश्ते वही मुकम्मल कहलाते हैं जहां हार अहंकार की हो और जीत मोहब्बत की। 3. दर्द भरी शायरी काश उसकी बेवफाई पहले ही नजर आ गई होती मेरी वफा की हर दास्तां यू बिखर ना गई होती जिसे अपना मुकद्दर समझ कर दिल सौप बैठे थे उससे मोहब्बत की इतनी बड़ी खता ना हुई होती। 4. यादों की शायरी बिना बात किये उससे नींद कहां आती है आजकल खामोशी दिल को बहुत सताती है लाख कोशिश कर लूं उसे भूलाने की मगर हर रात उसकी यादें पलकों में उतर जाती है 5. इन्तजार शायरी अब कुछ दिखाई नहीं देता हर मंजर में तेरा चेहरा नजर आता है तू दूर होकर भी दिल से दूर नहीं इसीलिए हर ख्वाब तुझ पर ही ठहर जाता है। 6. तन्हाई शायरी बेवफा जिंदगी से तंग आ चुका हूं हर दर्द को मुस्कुरा कर सह चुका हूं अब किसी से उम्मीदें वफ़ा नहीं रखता अपनी तन्हाइयों से समझौता...