1. बेवफाई शायरी
देख लो जख्म देकर मुस्कुरा रही है मेरी वफा के बाद भी मुझे गुनहगार बता रही है जिसे अपनी हर खुशी से बढ़कर चाहा था वही आज मेरी मोहब्बत को इल्जामों में सजा रही है।
2. रूठना मनाना शायरी
हर रोज की तकरार फिर एक दूजे को मनाना इश्क का यही सबसे हंसी फसाना है रिश्ते वही मुकम्मल कहलाते हैं जहां हार अहंकार की हो और जीत मोहब्बत की।
3. दर्द भरी शायरी
काश उसकी बेवफाई पहले ही नजर आ गई होती मेरी वफा की हर दास्तां यू बिखर ना गई होती जिसे अपना मुकद्दर समझ कर दिल सौप बैठे थे उससे मोहब्बत की इतनी बड़ी खता ना हुई होती।
4. यादों की शायरी
बिना बात किये उससे नींद कहां आती है आजकल खामोशी दिल को बहुत सताती है लाख कोशिश कर लूं उसे भूलाने की मगर हर रात उसकी यादें पलकों में उतर जाती है
5. इन्तजार शायरी
अब कुछ दिखाई नहीं देता हर मंजर में तेरा चेहरा नजर आता है तू दूर होकर भी दिल से दूर नहीं इसीलिए हर ख्वाब तुझ पर ही ठहर जाता है।
6. तन्हाई शायरी
बेवफा जिंदगी से तंग आ चुका हूं हर दर्द को मुस्कुरा कर सह चुका हूं अब किसी से उम्मीदें वफ़ा नहीं रखता अपनी तन्हाइयों से समझौता कर चुका हूं।
7. इश्क शायरी
दिल लगा के दिल्लगी कुछ इस तरह करना है उम्र भर के लिए तेरी मोहब्बत में खो जाना है तेरे इश्क की रोशनी से हर लम्हा संवर जाए बस आखरी सांस तक तेरा होकर रह जाना है।
8. एटीट्यूड शायरी
तुम सुधरोगी नहीं तो मुझे भी बदलना पड़ेगा हर बात में खामोशी छोड़ना पड़ेगा अब तक निभाया है मैंने हर रिश्ता सलीके और वफा से मगर वक्त आया तो मुझे भी थोड़ा सख्त होना पड़ेगा।
9. हुस्न शायरी
वो चौबारे से अंगड़ाइयां लेती है आजकल हर अदा पर बिजलियां गिरती है आजकल जिसे देखो वही उसके हुस्न का कायल है वो नजरों से दिलों पर हुकूमत करती है आजकल।
10. सफलता शायरी
जो खुद मंजिल नहीं बना पाता वो दूसरों की तरक्की से जल जाता है कामयाबी किसी के लिए आसान नहीं होती हर बुलंदी के पीछे वर्षों का संघर्ष छिपा होता है।
11. वफ़ा शायरी
आजकल इश्क कम दिखावे का दौर ज्यादा है हर शख्स के लबों पर मोहब्बत का शोर ज्यादा है वफा निभाने वाले बिरले ही नजर आते हैं सच्चे दिल कम मगर इश्क के दावेदार ज्यादा है।
12. रोमांटिक शायरी
वो मुस्कुराकर दिल का करार लूट लेगी अपनी दिलकश अदाओं से रूह तक उतर जाएगी तुम उसे वफा की ताबीर समझते रह जाओगे और वो मोहब्बत का वहम देकर बेआवाज गुजर जाएगी।
13. धोखा शायरी
जिस दिन उसके इरादों की मिलावट पहचान जाओगे हर मुस्कान के पीछे छिपा फरेब जान पाओगे जिसे मोहब्बत का चेहरा समझ कर दिल में बसाया था उसकी हकीकत देखकर अपनी नजरों पर यकीन कर ना पाओगे।
14. जुदाई शायरी
छोड़ दोगी मुझे यूं तन्हाइयों में अगर फिर कैसे कटेगा ये जिंदगी का सफर तेरे बिना हर खुशी अधूरी सी लगेगी हर धड़कन तेरी कमी का मातम मेरी ख्वाहिशों पर दस्तक देती रहेगी।
15. बेवफा मोहब्बत शायरी
लूटकर मुझको भिखारी बना दिया हजार वादों से अपना पुजारी बना दिया जब हासिल हुआ मकसद तो यूं मुड़ गई मेरी वफ़ा को भी खाकसारी बना दिया।

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