1. मेरे किरदार पर सवाल उठाने वालों के लिए शायरी मेरे चरित्र पर सवाल उठाने वालों से बस इतना कहना है, इल्ज़ाम लगाना आसान है, मगर सच को समझना भी ज़रूरी है। हमने तो हर रिश्ते को दिल से निभाया है, किसी के कहने से हमारा किरदार बदल नहीं जाता। 2. तेरे दीदार के इंतज़ार की शायरी एक झलक को प्यासी हैं ये निगाहें मेरी, कब तक तरसेंगी ये मेरी चाहतें। तेरे दीदार की आरज़ू है दिल में बसी, कब पूरी होंगी ये मोहब्बतें मेरी। 3. दर्द-ए-दिल और वफ़ा की शायरी हम दर्द-ए-दिल की दवा ढूँढते हैं, नज़रों में तुम्हारी वफ़ा ढूँढते हैं। हर धड़कन में तेरा एहसास ढूँढते हैं, हम तन्हाई में भी तेरा पता ढूँढते हैं। मुकम्मल हो जाए ये इश्क़ हमारा, तेरे नाम में अपना जहाँ ढूँढते हैं। 4. बेइंतहा मोहब्बत की रोमांटिक शायरी इतनी मोहब्बत करता हूँ, लिख न सकूँगा शब्दों में, तुम्हारा ही ज़िक्र रहता है हर पल मेरी धड़कनों में। सारी दुनिया बेगानी लगती है तुम्हारे बिना, तुम ही वो शख़्स हो, जिसके बिना कुछ भी अपना नहीं लगता।
1. साथ देना है तो बता दो, मैं भी तुमसे दिल लगाने की कोशिश करूँगा। तुम अगर मेरा हाथ थामने का वादा कर लो, मैं उम्रभर तुम्हारा साथ निभाने की कोशिश करूँगा। 2. तुम्हारा साथ मिले तो ताउम्र गुज़र जाएगा, ये दिल तुम्हारी मोहब्बत में सँवर जाएगा। बस हाथ थामकर यूँ ही साथ निभाते रहना, तुम रहोगी मेरे पास तो हर पल ख़ूबसूरत हो जाएगा। 3. हर बात पर मुझसे झगड़ती हो, मगर मोहब्बत भी करती हो, घर के अंदर कुछ भी हो, बाहर इज़्ज़त भी करती हो। नाराज़गी में भी फ़िक्र करना नहीं भूलती हो, शायद इसी अंदाज़ में तुम मुझसे सच्ची मोहब्बत करती हो। 4. तुम्हारी निगाहों की किताब पढ़ने में लगा हूँ, तुम अनजान हो, मैं इश्क़ करने में लगा हूँ। तुम्हारी हर नज़र में कोई राज़ छुपा लगता है, मैं उसी राज़ को समझने में लगा हूँ। 5. इन मासूम निगाहों की किताब चाहिए, मुझे पढ़ने का शौक़ है हर पन्ने पर शायद मोहब्बत लिखी है, बस तुम्हारी आँखों को पढ़ने की इजाज़त चाहिए। 6. चलो, मैंने मान लिया तुम सही हो, और मैं ग़लत हूँ, तुम्हारी हर बात के आगे आज भी नतमस्तक हूँ। बस इतना बता दो, आखिर मेरी ख़ता क्या थी, जो तुम्हें अपना समझ बैठा, क्या यही मेरी भूल ...