1. साथ देना है तो बता दो, मैं भी तुमसे दिल लगाने की कोशिश करूँगा। तुम अगर मेरा हाथ थामने का वादा कर लो, मैं उम्रभर तुम्हारा साथ निभाने की कोशिश करूँगा।
2. तुम्हारा साथ मिले तो ताउम्र गुज़र जाएगा, ये दिल तुम्हारी मोहब्बत में सँवर जाएगा। बस हाथ थामकर यूँ ही साथ निभाते रहना, तुम रहोगी मेरे पास तो हर पल ख़ूबसूरत हो जाएगा।
3. हर बात पर मुझसे झगड़ती हो, मगर मोहब्बत भी करती हो, घर के अंदर कुछ भी हो, बाहर इज़्ज़त भी करती हो। नाराज़गी में भी फ़िक्र करना नहीं भूलती हो, शायद इसी अंदाज़ में तुम मुझसे सच्ची मोहब्बत करती हो।
4. तुम्हारी निगाहों की किताब पढ़ने में लगा हूँ, तुम अनजान हो, मैं इश्क़ करने में लगा हूँ। तुम्हारी हर नज़र में कोई राज़ छुपा लगता है, मैं उसी राज़ को समझने में लगा हूँ।
5. इन मासूम निगाहों की किताब चाहिए, मुझे पढ़ने का शौक़ है हर पन्ने पर शायद मोहब्बत लिखी है, बस तुम्हारी आँखों को पढ़ने की इजाज़त चाहिए।
6. चलो, मैंने मान लिया तुम सही हो, और मैं ग़लत हूँ, तुम्हारी हर बात के आगे आज भी नतमस्तक हूँ। बस इतना बता दो, आखिर मेरी ख़ता क्या थी, जो तुम्हें अपना समझ बैठा, क्या यही मेरी भूल थी?
7. मैं मोहब्बत करता हूँ, शोर नहीं करता, रिश्तों की नींव कभी कमज़ोर नहीं करता। जो दिल में बस जाए, उसे दिल से निभाता हूँ, हर किसी के सामने प्यार का इज़हार नहीं करता।
8. तेरी हरकतों से दिल कहता है, मैं इश्क़ करना छोड़ दूँ, हर बार तुझसे रूठकर, फिर तुझ पर ही मरना छोड़ दूँ। बहुत समझाया इस दिल को कि तुमसे दूर हो जाए, मगर ये कमबख़्त कहता है, कैसे तुझे चाहना छोड़ दूँ?
9. मैं अब तुम्हारा हो चुका हूँ, अब ख़ुद पर मेरा बस चलता नहीं, तेरी मोहब्बत के आगे ये दिल किसी की सुनता नहीं। हर धड़कन में बस तेरा नाम रहता है, तुमसे इश्क़ हो गया है, अब तुझसे दूर रहा जाता नहीं।
10. भेज रहा हूँ चाहत अपनी, इसे स्वीकार कर लेना, मेरे दिल की मोहब्बत को थोड़ा महसूस कर लेना। जो बात लफ़्ज़ों में कह नहीं पाता हूँ तुमसे, मेरी आँखों में उस प्यार को पढ़ने की कोशिश करो।
11. मैंने तेरी अदाओं से इश्क़ करना सीखा है, तेरी मुस्कान से दिल को बहलाना सीखा है। तेरी हर अदा पर ये दिल फ़िदा हो जाता है, मैंने तुझसे इश्क करके जीना सीखा है।
12. एक सवाल है मेरा, क्या इज़हार करूं तो तुम मान जाओगी, दिल की सारी बात कह दूँ, तो मेरी बन जाओगी। कब तक यूँ ख़ामोश रहकर मुझे तड़पाती रहोगी, मैं मोहब्बत का इज़हार करूँ, तो क्या मुस्कुराकर हाँ कहोगी?
13. अब मान भी जाओ, समझने की कोशिश करो, मेरी ख़ामोशी को भी पढ़ने की कोशिश करो। नाराज़गी में यूँ दूर न जाओ मुझसे, मेरी मोहब्बत को महसूस करने की कोशिश करो।
14. तुम यूँ ही मीठी-मीठी बातें करती रहो, मेरे दिल में प्यार की सौगात भरती रहो। तुम्हारी मुस्कान यूँ ही खिलती रहे हरदम, और तुम मेरी ज़िंदगी को यूँ ही सँवारती रहो।
15. जब मुस्कुराकर बड़े प्यार से फ़ोन रखती हो, उस पल मेरी धड़कनों में हलचल सी होती है। कहती हो कुछ नहीं, फिर भी सब कुछ कह जाती हो, एक छोटी-सी मुस्कान से मेरे दिल चुरा ले जाती हो।

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