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Hindi Shayari | Love Shayari, Sad Shayari, Bewafa Shayari और Romantic Shayari

Love Shayari / Romantic Shayari तेरी पहली नज़र का असर तुम्हारी पहली नजर ने दीवाना किया है, मेरे दिल को तुमने बेगाना किया है, अब नींद कहां आती है, रातों में तुम्हारी यादों ने मुझे आवारा किया है। प्यार दोगी क्या जो मांगता हूं वो प्यार दोगी क्या, बिखरी हुई जिंदगी संवार दोगी क्या, बहुत टूटा हूं इस बेदर्द जमाने से, अपने प्यार से मुझे निखार दोगी क्या। इश्क की शुरुआत धीरे-धीरे इश्क करना आ जाएगा, तुम्हारी हर अदा को समझना आ जाएगा, आज अनजान है तेरी मोहब्बत से मगर, कल तुझे अपना बनाना भी आ जाएगा। तुम्हारी निगाहों का जादू तुम्हारी निगाहों में अजब सा जादू है, यूं ही नहीं मेरा दिल बेकाबू है, जब भी देखता हूं खो जाता हूं, तुम्हारी मोहब्बत का ही ये असर है। तुम्हारी एक हँसी तुम्हारी एक हंसी पर फिदा हो गया हूं, अब तुम्हें सोच कर ही मुस्कुराने लगा हूं, पहले अकेलापन भी सुकून देता था, मुझे अब तुम्हारी कमी में खुद को तन्हा पाने लगा हूं‌। मोहब्बत का तड़का वो मोहब्बत का तड़का लगाने लगी है, हर बात में अपना रंग ज़माने लगी है, पहले तो बस मुस्कुराकर गुजर जाती थी, अब जान बूझकर दिल को सताने लगी है।  तेरे इश्क का ...

हिंदी में प्रेम शायरी | बेस्ट रोमांटिक शायरी | दुखद शायरी संग्रह (Hindi shayari)

हिंदी में प्रेम शायरी | बेस्ट रोमांटिक शायरी | दुखद शायरी संग्रह (Hindi shayari) Hindi shayari  1. मैं निकला हूं ढूंढने सुकून रहता कहां है हकीकत से मेरा सामना हुआ यहां बिना कोई मुश्किल रहता कहां है। 2. मेरे खामोशियों में इश्क का जहर खोले जा रही हो ये सफर कहां रुकेगा जो बेखबर अपनी धुन में चली जा रही हो। 3. वो रिश्ता तोड़ने में माहिर है मैं रिश्ता बचाने निकला था पूछो ना मेरा क्या हश्र हो गया मैं एक बेवफा पर अपना हक जताने निकला था। 4. तू अगर झूठ के सारे परदे हटा दे तेरी मासूमियत का हर राज खुल जाएगा तुझे फरिश्ता समझ कर ये दिल दे दिया सोचा नहीं तू मेरा कातिल निकल जाएगा। 5. आज वो मेरी उदासी का कारण पूछे हैं जिनकी वजह से हम टूटे वो मेरा हाल पूछे हैं जख्म देकर कहते हैं खामोश क्यों हो क्या कहें अपना दर्द भी उनसे वो सवाल पूछे हैं। 6. लोग सवाल पूछेंगे तो क्या जवाब दोगे जब समझ नहीं रहेगी तो क्या हिसाब दोगे जब तुम राज नहीं पढ़ पाए मेरी खामोशी का तो मेरे जज्बातों का क्या अंजाम दोगे। 8. गलत मिली सजा का इंसाफ ढूंढते हैं कितने नादान हैं हम बेवफा में वफा ढूंढते हैं वो जख्म देकर खुद को मासूम बताते है...