सुबह का हर लम्हा हसीन हो जाता है तुम्हारी प्यारी-सी मुस्कान से, दिल को सुकून मिल जाता है तुम्हारी एक मीठी-सी बात से। यूँ तो रोज़ सूरज निकलता है रोशनी लेकर आसमान से, मगर मेरी सुबह ख़ास हो जाती है तुम्हारे दीदार से। Good Morning
आकाश में बादल छाए हैं।
धरती पर हरियाली छाई है,
हर कली-कली मुस्काई है।
आकाश से बूंदे गिरती हैं,
धरती उन्हें आंचल में भरती है।
सबके मन को लुभाने लगी,
जब वर्षा की फुहारें बरसने लगीं।
ये बादल, बरस ज़रा,
धरती की प्यास अभी बाकी है।
थोड़ा पानी देकर केवल,
और प्यास बढ़ा दी है।
अगर दोगे कुछ इसको तुम,
कुछ देगी तुमको धरती।
बारह महीने, ऐ बादल,
तुम्हारा इंतज़ार करती धरती
कविता के बारे में
वर्षा केवल पानी नहीं लाती, बल्कि धरती पर हरियाली, ठंडक और जीवन का संदेश भी लेकर आती है। बादलों की बूंदों से सूखी धरती की प्यास बुझती है और प्रकृति फिर से मुस्कुराने लगती है। यह कविता बारिश, बादलों, हरियाली और धरती के बीच खूबसूरत रिश्ते को दर्शाती है।

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