1. मोहब्बत में दिल का बेकरार होना नज़रों से नज़रें मिलीं और दिल हार गया, तेरी मोहब्बत में ये दिल बेकरार हो गया। तेरे बिना अब कोई लम्हा गुज़रता नहीं, तुझसे मिले बिना दिल को करार आता नहीं। 2. हमारी मोहब्बत का निराला अंदाज़ हमारी मोहब्बत का अंदाज़ सबसे निराला है, तेरी चाहत में दिल ने खुद को संभाला है। तू पास रहे तो हर लम्हा खूबसूरत लगता है, तू ही मेरी दुनिया और तू ही जीने का सहारा है। 3. तेरी एक झलक का असर तेरी एक झलक पर दिल धड़कता है आजकल, तेरी यादों में ही ये दिल भटकता है आजकल। तेरी मुस्कुराहट का ऐसा असर हो गया है, हर पल बस तुझे देखने को तरसता है आजकल। 4. तुझे चाहने की आदत तुझे चाहने की आदत बन गई है इस कदर, तेरे बिना नहीं कटता अब कोई भी सफ़र। तेरी यादों में ही दिल को सुकून मिलता है, तू ही मेरी मोहब्बत, तू ही मेरा हमसफ़र। 5. तेरा नाम और मेरी मुस्कुराहट तेरा नाम लबों पर आए तो रूह मुस्कुरा जाती है, तेरी याद आते ही हर धड़कन महक जाती है। ये मोहब्बत है या कोई खूबसूरत सा एहसास, तुझे सोचते ही मेरी हर खुशी बढ़ जाती है। 6. तेरे बिना दिल का वीरान होना तेरे बिना ये दिल वीरान लगता है, हर खुशी का पल ...
ज़िंदगी में दुख भरा ये मोड़ कैसा आ गया,
नाव मझधार में थी, तूफ़ान कैसा आ गया।
तूफ़ान तो तूफ़ान था, घनघोर बादल छा गया,
देखते ही देखते बिजली की गड़गड़ाहट कानों तक आने लगी।
हवाओं का तेज़ झोंका आंधी बनकर चलने लगा,
आसमान से पानी की बूंदें लहराकर गिरने लगीं।
अब मुझे ऐसा लगे, बचना यहां मुमकिन नहीं,
देखकर ये दुख का मौसम,
अब मुझमें इतनी हिम्मत भी नहीं
कि और आगे बढ़ सकूं कहीं।
पतवार भी अब हाथों से छूट जाना चाहती है,
कुछ समझ में नहीं आता क्या करूं, क्या न करूं।
मैं तो खुद कुछ नहीं,
मासूम ज़िंदगियां मेरे साथ हैं,
अब मेरी ज़िंदगी की हर डोर
बस भगवान के हाथ है।
ये मोड़ कैसा आ गया - Hindi Kavita
ज़िंदगी में कभी-कभी ऐसे मुश्किल मोड़ आ जाते हैं, जहां इंसान को आगे बढ़ने का रास्ता दिखाई नहीं देता। चारों तरफ परेशानियां, दुख और संघर्ष दिखाई देने लगते हैं। ऐसी ही परिस्थितियों को ये मोड़ कैसा आ गया इस हिंदी कविता में नाव, मझधार और तूफ़ान के माध्यम से व्यक्त किया गया है।
मझधार में फंसी नाव उस इंसान का प्रतीक है जो जीवन की कठिन परिस्थितियों से जूझ रहा है। तेज़ हवाएं, घनघोर बादल और बिजली की गड़गड़ाहट उसके बढ़ते हुए संघर्ष को दर्शाते हैं। जब हिम्मत जवाब देने लगती है और पतवार भी हाथ से छूटने लगती है, तब इंसान के पास भगवान पर भरोसा करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचता। यह Hindi Kavita जीवन के संघर्ष, दुख, मजबूरी, जिम्मेदारी और ईश्वर पर विश्वास की भावनाओं को व्यक्त करती है।

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