वक्त बदला, रिश्तों का अंदाज़ बदला | डिजिटल दौर शायरी

वक्त के साथ रहन-सहन बदलता रहा इंसान नई-नई तकनीक खोज करता रहा कभी चिट्ठियों में धड़कनों का हाल लिखा जाता था अब तो एक क्लिक पर पूरा जहां से सिमटता है।






लेखक: Shayar Manoj Kumar

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