1. जबरदस्ती की मोहब्बत नहीं होती
जबरदस्ती किसी से मोहब्बत नहीं होती इश्क में दिल की रजामंदी जरूरी नहीं होती जहां हर एहसास सच्चे हो हर फासले मिट जाते हैं वरना ज़िद से हासिल की गई चाहत मोहब्बत नहीं होती
2. इज़हार-ए-मोहब्बत में हर्ज क्या है
अगर मोहब्बत है तो इजहार करने में हर्ज क्या है जो दिल में है उसे बयां करने में हर्ज क्या है इश्क सच्चा है तो इकरार करने में हर्ज क्या है जब रूह तक उतर चुका है कोई तो उसे अपना कहने में हर्ज क्या है
3. तेरे बिना रहना सीख लिया
मैं रह सकता हूं तेरे बिना भी अब खुद को समझाना आ गया है तेरी याद आती है आज भी मगर मुस्कुराकर उन्हें छुपाना आ गया है
4. तेरी यादों में ये दिल धड़कने लगा है
तेरी यादों में ये दिल धड़कने लगा है मोहब्बत में ये दिल तड़पने लगा है तेरी एक झलक पाने की चाहत है इतनी की हर पल तेरा इंतजार रहने लगा है

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