मोहब्बत का इज़हार | खामोशी तोड़ने वाली रोमांटिक शायरी | Hindi shayari

मोहब्बत है तो इज़हार जरूरी है। खामोशी तोड़ने वाली रोमांटिक हिंदी शायरी, जो दिल की बात सीधे सामने वाले तक पहुंचा दे।



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1. दर्द भरी ज़िंदगी

ज़िंदगी ज़हर बन गई, मैं प्यार को तरस रहा हूँ,
महफ़िलों में हँसता हूँ, मगर अंदर ही अंदर बिखर रहा हूँ।
जिसे अपना समझा, उसी ने तोड़ा है मुझे,
अब तो साँसें भी पूछती हैं—आख़िर किस भरोसे पर जी रहा हूँ।


2. इज़हार-ए-मोहब्बत

मोहब्बत है तो इज़हार कर डालो,
ख़ामोश रहकर दिल जलाने की ज़रूरत क्या है।


3. बेइंतहा इश्क

तुमसे बेहद इश्क़ करने लगा हूँ,
तेरी खयालों में अब हर लम्हा कटने लगा है।


4. झूठी मासूमियत

दूर रहना उन हसीनों से जो मुस्कुराकर जान लेती हैं,
ज़िंदगी ज़हर कर देती हैं, दिलों को चुपचाप नीलाम करती हैं।
मासूमियत का लिबास ओढ़े हर वार नया करती हैं,
एक पल में अपना बनाकर, अगले ही पल अंजान कर देती हैं।


5. चुपचाप संघर्ष

आजकल उनके दिए ज़ख़्मों को सिल रहा हूँ,
हर तकलीफ़ से चुपचाप लड़ रहा हूँ।
शिकायत भी उसी से है, दुआ भी उसी के नाम,
टूटकर भी देखो, मैं कैसे संभल रहा हूँ।


6. वादा-ए-मुलाक़ात (14 फ़रवरी)

उसने 14 फ़रवरी को मिलने का वादा किया है,
हर तमन्ना पूरी करने का इरादा किया है।
अब कोई ख़्वाहिश अधूरी रहेगी नहीं,
पहली बार मेरी चाहतों को उसने पहचाना है।


7. इंतज़ार की आदत

उसकी गलियों में भटकना अब फ़ितरत हो गई है,
बिना दीदार दिल को न चैन है, न राहत मिली है।


8. सज़ा-ए-मोहब्बत

दिल लगाने की सज़ा कुछ यूँ पा रहा हूँ,
दर्द बहुत मिला, फिर भी खुद को समझा रहा हूँ।
खुशियाँ लिखी थीं मुक़द्दर में कभी,
आज अपने ख़्वाबों का जनाज़ा उठा रहा हूँ।


9. उम्र भर का साथ

उम्र भर साथ निभाने का वादा है,
हर खुशी, हर दर्द में तेरा साया है।
यक़ीन कर, मैं सच कह रहा हूँ,
हर दुआ में बस तुझे ही माँगा है।


10. इश्क़ की शरारत

इश्क़ भी है और सताती भी हो,
हँसकर ज़ख़्म देती हो, मरहम भी लगाती हो।


11. बेईमानी का चेहरा

बेईमानियाँ उसकी नज़र में पलती हैं,
मौक़ा मिलते ही भरोसे को लूट लेती हैं।
मासूमियत का नक़ाब ओढ़े फिरती हैं,
पीठ पीछे दिलों का सौदा कर लेती हैं।


12. मोहब्बत का हश्र

रफ़्ता-रफ़्ता समझ आएगा मोहब्बत का अंजाम,
जिसे नहीं मिला वो पाने को तड़पता है,
और जिसे मिल गया, वो सुकून को तरसता है।


13. साज़िशों का शिकार

मैं ज़्यादा दिन जी नहीं पाऊँगा,
जिस तरह सताया जा रहा हूँ।
दगा देने वाले अपने ही लोग हैं,
मैं साज़िशों की भेंट चढ़ाया जा रहा हूँ।


14. बदनाम सच

जो कहती है, वो मान लेता हूँ,
जोखिम उठाने की आदत नहीं रखता हूँ।
लोग झूठी अफ़वाहें फैलाते रहे,
पर मैं किसी का गुलाम बनकर नहीं रहता हूँ।


15. मुकम्मल मोहब्बत

तेरी हर बात धड़कनों की आदत बनती जा रही है,
हमसफ़र बन जाओ, ये मोहब्बत मुकम्मल हो जाएगी।


16. वफ़ा की कीमत

मोहब्बत के सफ़र में सिर्फ़ काँटे मिले हैं,
जिसे दिल से चाहा, वही धोखेबाज़ मिले हैं।
मेरी वफ़ा को कुचल दिया गया,
हम कफ़न में लिपटे, फिर भी ज़िंदा मिले हैं।


17. सच्चा इश्क

मेरे इश्क़ पर सवाल उठाना छोड़ दो,
मैं खुद से ज़्यादा तुम्हें चाहने लगा हूँ।
तुम समझो या ना समझो,
मेरी हर साँस में तुम बसने लगी हो।


18. बर्बादी का तमाशा

वो मेरी ज़िंदगी में ज़हर मिलाती रही,
मेरी तड़प को तमाशा समझ मुस्कुराती रही।
मैं हर दर्द मोहब्बत समझ सहता रहा,
और वो मेरी बर्बादी का जश्न मनाती रही।


19. पहचान की तलाश

मैं रफ़्ता-रफ़्ता उनकी ख़्वाहिशों में
अपनी पहचान ढूँढने लगा हूँ।
नज़रें यूँ ही नहीं मिलती,
मैं मोहब्बत ढूँढ रहा हूँ।


20. आख़िरी इज़हार

खुलने दो हर राज़, पर्दे हटा दो,
अगर पसंद नहीं हूँ तो ज़िंदगी में ज़हर मिला दो।
तुम मेरी ख़्वाहिशों की महफ़िल हो,

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