हर प्यार फौरन समझ नहीं आता कुछ रिश्तो को वक्त चाहिए होता है कुछ जज्बातों को खामोशी जो आज दूरी लगती है कल वही सबसे बड़ी चाहत बन जाती है अगर किसी को सब्र में मोहब्बत है तो यकीन मानिए वक्त उसे जरूर समझा देता है
Shayari
धीरे-धीरे वो प्यार समझ पाएगी मेरी खामोशी की वजह जान पाएगी आज जो नज़रें फेर लेती है मुझसे कल वही आंखें मेरी तलबगार बन जाएगी
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