तेरे वादों का भ्रम टूट रहा है हर सच धीरे-धीरे खुद से रूठ रहा है जिसे उम्र भर का भरोसा समझ बैठे थे हम वो रिश्ता आज खामोशी में डूब रहा है
वो दिल तोड़ने में माहिर है समझ ना पाओगे उसके इरादों को खंगाल कर देख लिया मैंने उसके वादों को
तेरे वादों का भ्रम टूट रहा है हर सच धीरे-धीरे खुद से रूठ रहा है जिसे उम्र भर का भरोसा समझ बैठे थे हम वो रिश्ता आज खामोशी में डूब रहा है
वो दिल तोड़ने में माहिर है समझ ना पाओगे उसके इरादों को खंगाल कर देख लिया मैंने उसके वादों को
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