सुबह का हर लम्हा हसीन हो जाता है तुम्हारी प्यारी-सी मुस्कान से, दिल को सुकून मिल जाता है तुम्हारी एक मीठी-सी बात से। यूँ तो रोज़ सूरज निकलता है रोशनी लेकर आसमान से, मगर मेरी सुबह ख़ास हो जाती है तुम्हारे दीदार से। Good Morning
मोहब्बत करते हैं, आज इज़हार हो रहा है, उनकी हर एक “ना” में छुपा “हाँ” का इकरार हो रहा है। नज़रों से वो कहती हैं, लबों से इंकार करती हैं, शायद इसी अदाओं से मेरा दिल बार-बार बेकरार हो रहा है।
सब कुछ अपना बिखर चुका हूँ तुम्हारी चाहत में, अब और क्या बचा है मेरी इस मोहब्बत में। तुम्हें पाने की ख़्वाहिश में ख़ुद को खो दिया, अपना हर ख़्वाब सौंप दिया तुम्हारी मोहब्बत में।
तुम मेरी मोहब्बत हो, मैं अपनी चाहत का इज़हार कर रहा हूँ, जो बात कह न सका लफ़्ज़ों में, आज वो दिल से कह रहा हूँ।
तुमसे ही जुड़ी हैं मेरी धड़कनें, मेरी हर एक आरज़ू, तुम्हें अपना बनाने की ख़्वाहिश में हर पल बेकरार रहता हूँ।
तुम्हारे बदले हुए इरादों से हर बार टूट जाता हूँ, तुम्हारी बेरुख़ी में ख़ुद से ही रूठ जाता हूँ। जिसे उम्रभर अपना समझकर दिल में बसाया था, उसके बदलने से मैं अंदर तक बिखर जाता हूँ।क्या तुमसे मोहब्बत की उम्मीद छोड़ दूँ, या तेरी ख़ामोशी को ही अपना जवाब मान लूँ? दिल आज भी तेरे लौट आने की राह तकता है, कह दो... तेरा इंतज़ार करूँ या तुझे भुला दूँ?





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