सुबह का हर लम्हा हसीन हो जाता है तुम्हारी प्यारी-सी मुस्कान से, दिल को सुकून मिल जाता है तुम्हारी एक मीठी-सी बात से। यूँ तो रोज़ सूरज निकलता है रोशनी लेकर आसमान से, मगर मेरी सुबह ख़ास हो जाती है तुम्हारे दीदार से। Good Morning
मोहब्बत, दर्द और बेवफ़ाई की शायरी | Mohabbat Dard Aur Bewafai Shayari | Love, Sad & Bewafa Shayari in Hindi
1. इंतज़ार और बेचैनी
अब ज़रा भी सब्र नहीं बचा है इस दीवाने में,
और तुम कहती हो अभी वक़्त लगेगा जन्नत दिखाने में।
तेरी मोहब्बत ने बेचैन कर रखा है इस दिल को,
अब देर मत करो, हालात यूँ ही रहे तो उम्र गुज़र जाएगी तुम्हें अपना बनाने में। 2. बदलता रवैया और दर्द
हर शाम तेरी यादों में नया इज़ाफ़ा हुआ है,
तुमसे दूर रहकर भी मोहब्बत का सिलसिला और गहरा हुआ है।
तेरी यादें साँसों में इस क़दर बस गई हैं,
कि हर धड़कन पर बस तेरा नाम लिखा हुआ है।
तुम्हारा यह इरादा देखकर कोई भी टूट सकता है,
जिसे तुम अपना समझते हो, वही तुम्हारे बदलते रवैये से रूठ सकता है।
मोहब्बत में यूँ फ़ासले मत बढ़ाओ,
तुम्हारी ख़ामोशी से कोई भी अंदर से टूट सकता है।
3. तेरी यादों का सिलसिला
4. आख़िर रिश्ता क्या है?
मोहब्बत नहीं है तो साफ़ कह दो, दिल में क्या है,
मेरे सवालों का जवाब दो, आख़िर तुम्हारे दिल में क्या है।
इस मुद्दे पर एक बार मिल लो, तुम्हारा क्या कहना है,
अगर मोहब्बत नहीं है, तो बता दो—आख़िर रिश्ता क्या है।
5. मीठी बातें और फ़रेब
तुम्हारी मीठी-मीठी बातों में इस क़दर खो गए,
तुम्हारे हर झूठ को सच समझकर ख़ुद से ही दूर हो गए।
तुमने फ़रेब दिया और हमें ख़बर तक न हुई,
हम तुम्हें अपना समझते रहे, और तुम बेवफ़ा होते रहे।
6. तेरी मुस्कान
7. अपनों से मिले ज़ख्म
हर सुबह “गुड मॉर्निंग” कहता हूँ,
क्योंकि तुम मेरे लिए ख़ास नहीं, बेहद खास हो ख़ूबसूरत एहसास हो।
तुम्हारे लिए दिल में मोहब्बत भी है और सम्मान भी,
इसीलिए मेरी हर सुबह की पहली मुस्कान तुमसे शुरू होती है।
हम अपने ही शहर में अजनबी फिरते रहे,
अपनों से ही हर रोज़ नए-नए ज़ख्म मिलते रहे।
जिन्हें अपना समझकर दिल का हाल कहते रहे,
वही हमारी ख़ामोशी में दर्द के फ़साने लिखते रहे।
8. हर सुबह तुम्हारे नाम
9. अधूरा इश्क़
वो नहीं मानेगी मेरी बात, तो क्या होगा, मेरे बिना उसका दिल कहाँ ख़ुश रह पाएगा। समझाऊँगा उसे हर बार, फिर भी न मानी, तो मेरा इश्क़ अधूरा रह जाएगा।
10. मोहब्बत का इज़हार
11. उसकी नाराज़गी में मोहब्बत
वो रूठकर दिल जलाती है, और फिर ख़ुद ही मुस्कुराती है, मेरी ख़ामोशी में भी जाने क्या-क्या पढ़ जाती है। उसकी नाराज़गी में भी छुपी है मोहब्बत की मिठास, वो दूर होकर भी हर पल मेरे क़रीब नज़र आती है।
12. ग़लत पते पर मिली ज़िंदगी
13. अब मीठी बातों से भी डर लगता है
उसके इरादों से डर लगता है, झूठे वादों से डर लगता है, मोहब्बत के नाम से मिलने वाले फ़रेब से डर लगता है। वो हर बार यक़ीं दिलाकर मेरा दिल तोड़ देती है, अब तो उसकी मीठी-मीठी बातों से भी डर लगता है।
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