Hindi Shayari | हिंदी शायरी – दर्द भरी, Love, Mohabbat, Bewafa, Wafa & Romantic Shayari

Hindi shayari 

गद्दारी और दर्द भरी शायरी

मैं तुझे अपना समझता रहा तू मुझसे गद्दारियां करती रही मैं हर जख्म हंसकर सहता रहा मेरी तन्हाईयां मुझसे लड़ती रही

सच्चे इश्क़ की शायरी

अभी आशिक नया हूं भूल हो सकती है तेरे इश्क में थोड़ी फिजूल हो सकती है मेरी नियत पर कभी शक मत करना ये दिल सच्चा है तुम चाहो तो मोहब्बत कबूल हो सकती है

दुल्हन बनाने वाली मोहब्बत शायरी

तुम्हें दुल्हन बनाने का इरादा है तुम सिर्फ खूबसूरत ही नहीं मेरे हर ख्वाहिश की इबादत हो तुम्हें दुल्हन बनाने का इरादा है तुम मेरी जिंदगी की सबसे बड़ी चाहत हो

नज़रों की शायरी

मैं उनकी नजर पढ़ रहा था किताबों की तरह हर पन्ने में छुपे थे जज्बात बेहिसाबो की तरह वो खामोश रहकर सब कुछ बयां कर रहे थे उनकी आंखें बोलती रही खुली किताबों की तरह

बेवफ़ाई की शायरी

मैं हैरान हूं तेरी मनमानियां के सिलसिले देखकर हर रोज बदलते हैं तेरे फैसले देखकर जिसे अपना समझ कर हर खुशी सौंप दी आज वही बेगाना निकला इतने करीब रहकर

वादा और वफ़ा शायरी

वादा करती हो तो निभाया करो हर बात पर यूं ना आजमाया करो मोहब्बत लफ्जों से नहीं वफा से मुकम्मल होती है अपना कहा है तो साथ निभाया करो

सच्ची मोहब्बत की शायरी

हम सारे नखरे उठाने का हुनर रखते हैं तेरी हर अदा पर बेखबर नहीं नजर रखते हैं तू एक बार अपना कह कर तो देख हम उम्र भर मोहब्बत निभाने का जिगर रखते हैं

निगाहों की मोहब्बत

मैं पढ़ रहा हूं उसकी निगाहें किताबों की तरह हर पन्ने में छुपे हैं एहसास  बेहिसाबो की तरह वो खामोश रहकर सब कुछ बयां कर जाती है उसकी आंखें बोलती है मोहब्बत के जवाबों की तरह

मासूमियत की शायरी

वो अपनी मासूमियत से भी दिल को तोड़ जाती है मुस्कुरा कर हर दर्द को खामोश छोड़ जाती है लोग समझते हैं उसे सिर्फ मासूम सा चेहरा वो एक नजर में पूरी मोहब्बत में निचोड़ जाती है

साथ निभाने वाली शायरी

तुम्हारी शिकायतों पर अमल करूंगा तुमसे मोहब्बत हर फर्ज मुकम्मल करूंगा बस तुम यूं ही साथ निभाना का वादा कर देना मैं उम्र भर तुम्हारी खुशियों का ख्याल रखूंगा

रूठना-मनाना शायरी

वो रूठ कर फिर मान जाती है बिन कहे मेरे इरादों को पहचान जाती है लफ्जों की जरूरत कहां पड़ती है मोहब्बत में मेरी खामोशी पढ़ कर हर बात जान जाती है

जीवन की सीख

हर माल बिकाऊ नहीं होता  हर रिश्ता बाजार में नहीं मिलता हर चमकती चीज टिकाऊ नहीं होती ये सच वक्त पर ही दिखता है जो भरोसे और गुणवत्ता की बुनियाद पर खड़े रहते हैं वहीं हर दौर में मुकाम पाते हैं उनका नाम यूं ही नहीं बनता

हाल-ए-दिल की शायरी

सब पता चल रहा है तेरी निगाहों से तुम छुपा नहीं सकती हो हाल ए दिल अदाओं से लव खामोश है मगर इकरार साफ दिखता है तेरी मोहब्बत बयां हो रही है इन खूबसूरत निगाहों से

दीवानगी की शायरी

बच पाना मुमकिन नहीं है उसकी मनमानियां के तूफान से दिल का हर किनारा टूट रहा है उसकी मुस्कान की उड़ान से वो जिस तरफ नजरे घूमती है कयामत झुक जाती है हम हार चुके हैं पूरी तरह उसकी मोहब्बत की फरमान से

उम्रभर साथ निभाने की शायरी

अब तेरे संग उम्र भर रहने का इरादा कर लिया है तेरी मोहब्बत को अपनी रूह का हिस्सा बना दिया है चाहे वक्त बदले हालात बदले या बदल जाए ये जमाना हमने तेरा साथ कभी न छोड़ने का खुद से वादा कर लिया है

अदाओं की शायरी

तेरी अदाएं पल पल मेरा चैन चुरा रही है मेरी हर धड़कन को दीवाना बना रही है कैसे खुद को संभालू तेरी मोहब्बत के सामने तू नजर भर देख ले तो सांसे बहक जा रही है

इज़हार-ए-मोहब्बत

वो मुस्कुरा कर हर सवाल का जवाब देती है बिना कुछ कहे दिल की हर बात समझ लेती है मैं इजहार के लिए लफ्ज तलाशता रह जाता हूं वो एक नजर में मोहब्बत का पैगाम देती है

धड़कनों की शायरी

हमने उनकी खबर ली तो दिल को सुकून आया है उनकी हर धड़कन में कहीं ना कहीं मेरा नाम समाया है जो कहते थे मोहब्बत का कोई असर नहीं होता आज उनके हर लहजे ने हर राज खुद बताया है

सपनों की मोहब्बत

उतर गई हो दिल में हर ख्वाब हकीकत होने लगा है तेरी मोहब्बत का असर मेरी रूह पर दिखने लगा है कल तक जो मंजिलें दूर थी मेरी चाहत की राहों में तू साथ हुई तो हर सपना पूरा होने लगा है

इश्क़ का इज़हार

लगता नहीं है इश्क बयां कर पाऊंगा दिल के हर बात लफ्जो में कहां ला पाऊंगा तूं सामने होगी तो खामोश हो जाएंगे धड़कने बस नज़रों से अपनी मोहब्बत जता पाऊंगा

मुस्कान की शायरी

ये मुस्कुराता हुआ चेहरा बता रहा है दिल में कोई खास शख्स घर बना रहा है लव खामोश है मगर निगाहें सब कह रही है लगता है कोई धीरे-धीरे इश्क जता रहा है

इकरार की आहट

उनकी तरफ से मिल रहे हैं इशारे प्यार के अब दिल में सजने लगे हैं ख्वाब इकरार के वो हर बार नजरों से कुछ कह जाते हैं लगता है दिन करीब आ गए हैं हमारे प्यार के

खुलकर इकरार

जो नजरों से बयां कर रही हो वही जुबां से कह दो मेरे दिल की धड़कनों में मोहब्बत का असर कर दो बहुत इशारे हो गए खामोशियों के सिलसिले अगर इश्क है तो आज खुलकर इकरार कर दो

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