1. वो फिर मेरी जख्मों को ताजा कर रही है मुझे बहलने का झूठा वादा कर रही है जिसने बेवफाई के मोड पर छोड़ा था आज फिर वही वफा का दावा कर रही है।
2. दिखावे से कोई अमीर नहीं बनता लहजे से उसकी औकात झलक जाती है जो लोग किरदार से खाली होते हैं उनकी शान कुछ पल में ही ढह जाती हैं।
3. पहले खूबसूरत मुस्कुराहटों से दिल जीत लिया जाएगा मीठे वादों से हजारों ख्वाब दिया जाएगा जिस दिन मिल जाएगा तुमसे भी बेहतर कोई तुम्हारी अहले वफ़ा को बेदर्दी से रौंद दिया जाएगा।
4. वो फिर मेरी जख्मों को ताजा कर रही है मुझे बहलाने के लिए झूठा वादा कर रही है जिसने कभी चैन से जीने नहीं दिया आज फिर वही मोहब्बत का इरादा कर रही है।
5. चंद रूपयों की लालच में लोगों को ज़मीर बेचते देखा है गरीबों की आहों पर अमीरों के महल सजते देखा है दौलत की चमक में इंसानियत मिटते देखा है मैंने इस दुनिया में अक्सर सच को झुकते देखा है।
6. बेइमानिया हम नहीं करते उसकी नज़रें मजबूर करती हैं सच्चाई के रास्ते चलते हैं उसकी चाहते मगरूर करती है कसूर हमारा भी नहीं होता ये दिल मजबूर करता है उसकी अदाएं हर दफा बेगुनाह को गुनहगार करती है।
7. वो अपनी अदाओं से कयामत ढाने लगी है मेरी निगाहें भी उस पर ठहर जाने लगी हैं न जाने कैसा जादू है उसकी बातों में अब तो मेरी तनहाई भी मुस्कुराने लगी है।
8. अभी तो इश्क की शुरुआत हुई है जिंदगी में खुशियों की बरसात हुई है सच कहूं जिसकी तलाश थी मुझको पहली दफा उनसे जान पहचान हुई है।
9. दिल निकाल कर रख दूं जो इजाजत आपकी मिले मिट जाए सभी मुश्किलें अगर मोहब्बत काम की मिले हम तो सच्चे जज्बातों से लड़कर खड़े हैं तेरे सामने जिंदगी कुर्बान कर दे अगर एक मुस्कान आपकी मिले।
10. वो अपनी अदाओं से कयामत ढाने लगी है मेरी निगाहें भी किस्मत आजमाने लगी है दिल कब हर बैठा उसकी एक झलक पर अब तो धड़कनें भी उसका नाम गुनगुनाने लगी हैं।
11. मैं उसकी मोहब्बत के बहकावे में आ गया झूठी मोहब्बत के दिखावे में आ गया सच समझ बैठा उसकी हर वादों को मैंने पढ़ने में बहुत देर कर दी उसके इरादों को।
12. दिल लगा के वो रिश्ता तोड़ देती है अपनी मुस्कान से हर दर्द मोड़ देती है उसकी मासूमियत पर यूं भरोसा मत करना वो हंसते-हंसते दिलों को तोड़ देती है।
13. मोहब्बत की गहराई में डूबना चाहता हूं एक बार इश्क करके देखना चाहता हूं सुना है जिनको सच्चा प्यार मिल गया उन्हीं से मोहब्बत का पता पूछना चाहता हूं।
14. वो नया-नया तरीका निकाल लेती है सताने का उसे शौक चढ़ा रहता है हर रोज आजमाने का हक मारा जा रहा है इस दीवाने का एक बेकसूर को इल्जाम दिया जा रहा है बेवफ़ा कहलाने का।
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