1. दर्द और तन्हाई
जिससे दूर भाग रहा हूँ, वही तकलीफ़ बनी बैठी है, जिसे भूलना चाहता हूँ, वही धड़कनों में बसी बैठी है। हर बार खुद को समझाता हूँ अब लौटकर नहीं जाना, मगर मेरी तन्हाई हर बार उसी मोड़ पर खड़ी मिलती है।
अजीब है ये दर्द भी…
जिससे बचने के लिए पूरी दुनिया से दूर हो गया, आज वही शख़्स मेरी हर ख़ामोशी कि आवाज़ बनकर बैठा है।
2. निगाहों में प्यार
मुझे देखना है अपना प्यार तुम्हारी निगाहों में, महसूस करना है अपनी मोहब्बत तुम्हारी बातों में। तुम यूँ ही मुस्कुराकर मुझे अपना होने का एहसास दिलाया करो, मैं हर पल खुद को पाना चाहता हूँ तुम्हारी चाहतों में।
3. ख़ामोशी और सवाल
तुम्हें मुस्कुराकर देना पड़ेगा जवाब मेरे हर सवाल का, यूँ ख़ामोश रहकर तुम मुझे तड़पाया न करो। जो बातें छुपी है तुम्हारी निगाहों में, उसे लफ़्ज़ों में कहकर दिल बहलाया करो।
4. आँखों में छुपा इश्क़
तुम्हारी आँखें बोलती हैं, इसमें कोई शक नहीं है, हर एक नज़र में छुपा कोई राज़ कम नहीं है। बिना कुछ कहे ही सब कुछ कह जाती हैं तुम्हारी निगाहें, हर ख़ामोशी में भी इश्क़ साफ़ नज़र आता है।

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें